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ऑप्शन ट्रेडिंग मैं Nifty और बैंक निफ़्टी मैं ट्रेडिंग करके मुनाफा कमाने का तरीका बताएं। option trading kaise karen kaise sikhe


कैसे सीखें - शेयर बाजार में ऑप्शन ट्रेडिंग सीखने के लिए क्या करें, ऑप्शन ट्रेडिंग में निफ्टी और बैंक निफ्टी के लिए सबसे अच्छा तरीका।


दोस्तों वर्ष 2020 में दुनिया भर में कोरोना वायरस के कारण सभी लोगों को लॉकडाउन का सामना करना पड़ा! लेकिन भारत में वर्ष 2020 के मार्च महीने में लॉकडाउन लगने के बाद भारत के लोगों ने इंटरनेट के माध्यम से शेयर बाजार के बारे में बहुत कुछ सीखा आप शायद जानते होंगे कि, पिछले 2 वर्षों में रिकॉर्ड डिमैट अकाउंट (demat account open) ओपन हुए हैं जिनमें से अधिकतर भारत के युवा वर्ग के लोग हैं! जिनका शेयर बाजार के प्रति काफी आकर्षण रहा है! और मेरा खुद का यह मानना है कि, पिछले दिनों आई वेब सीरीज स्कैम 1992 जोकि हर्षद मेहता स्कैम पर आधारित थी, उसने भी लोगों को शेयर बाजार के रिश्क को उठाने के लिए प्रेरित किया, आज के समय में बहुत से युवा लोग इन्वेस्टमेंट(investment) से ज्यादा ऑप्शन ट्रेडिंग(option trading) के माध्यम से मुनाफा(profit) कमाना चाहते हैं, लेकिन यह इतना भी आसान नहीं होता है, आज हम इस पोस्ट के माध्यम से यह बताने का प्रयास करेंगे कि, ऑप्शन ट्रेडिंग में आप किस प्रकार से निफ्टी और बैंक निफ़्टी  में मुनाफा कमा सकते हैं, व बैंक निफ्टी और निफ्टी में ऑप्शन ट्रेडिंग(option trading) कैसे की जाए, यह भी सीखने के लिए हम आपकी सहायता करने का प्रयास करेंगे!


ऑप्शन ट्रेडिंग कितना मुनाफा होता है?


सबसे पहले आपको एक आवश्यक बार बता दें कि. ऑप्शन ट्रेडिंग(option trading) बहुत ही खतरनाक(high risk) होता है. इसमें आपको बहुत जल्दी मुनाफा हो सकता है. और बहुत ही जल्दी आपको इसमें नुकसान (loss)हो सकता है, यानी आप यह मानकर चलीये कि, एक ही दिन में आपका पैसा 5 गुना (5x)भी हो सकता है,व एक ही दिन में आप अपना सारा कैपिटल (capital)और सारा पैसा डूबा भी सकते हैं, अगर आपको ऑप्शन ट्रेडिंग का बहुत अच्छा नॉलेज है तो, आप इसमें बहुत अच्छे से बहुत जल्दी करोड़ों रुपए कमा सकते हैं, लेकिन अगर आपको इसका नॉलेज नहीं है और आप इसमें अगर सट्टेबाजी करते हैं तो, इसमें आपको बहुत ज्यादा नुकसान हो सकता है, एवं आपका सारा कैपिटल(total capital) डूब सकता है, इसलिए अगर आप शेयर बाजार(stock market) में नए हैं तो, आप सबसे पहले म्यूचल फंड(mutual fund) के माध्यम से शुरू कीजिए, पेपर ट्रेडिंग(paper trading) के माध्यम से सिखने का प्रयास कीजिए व मार्केट मैं कैसे कम होता है. यह पूरी तरह जानने का प्रयास कीजिए, ताकि आपको मार्केट के सभी बेसिक फंडामेंटल(basic fundamentals) पता लग जाए और आप अपना कैपिटल ना डुबाये।


ऑप्शन ट्रेडिंग के दो सबसे अच्छे नियम क्या है।


1.ऑप्शन ट्रेडिंग का पहला नियम-आपको अपना पैसा मार्केट में खोना नहीं है, डुबोना नहीं है।

2.ऑप्शन ट्रेडिंग का दूसरा नियम- कभी भी पहले नियम को भुलना नहीं है, उसे हमेशा याद रखना है।


शेयर और बैंक निफ्टी और निफ्टी मैं सबसे अच्छा ऑप्शन ट्रेडिंग किसमें किया जा सकता है?


दोस्तों ऑप्शन ट्रेडिंग यू तो आप निफ्टी के चुनिंदा शयरों में कर सकते हैं, लेकिन हर एक शेयर की चाल कैसे होगी,उसकी बेसिक फंडामेंटल क्या है, उसके बारे में न्यूज़ क्या है, इसके लिए आपको हर पल अपडेट रहना पड़ेगा,यानी आपको हर एक कंपनी के शेयर के बारे में जानकारी रखनी होगी वहीं दूसरी ओर अगर आप बहुत ज्यादा रिस्क उठाने के लिए तैयार हैं, एवम् आप बहुत अधिक बड़ा मुनाफा चाहते हैं तो, सबसे अधिक खतरनाक और बड़ा मुनाफा देने वाला ऑप्शन ट्रेडिंग होता है, बैंक निफ़्टी में क्योंकि बैंक निफ़्टी में आपको एक ही दिन में आपको बहुत बड़ा जैकपोट प्रॉफिट हो सकता है,व एक ही दिन में आप कंगाल हो सकते हैं, 


क्योंकि इसकी जो वॉल्यूम होती है, वह बहुत अधिक होती है, यह बहुत ही वोलेटाइल होने के कारण इसमें बहुत से ट्रेडर अपनी पोजीशन एग्जिट कर जाते हैं। क्योंकि कोई भी ट्रेडर हो जब स्क्रीन पर उसे नुकसान नजर आता है तो, अपने आप को बहुत अधिक समय तक रोक नहीं पाता,इसलिए बड़े मुनाफे के लिए बैंक  निफ़्टी अच्छा ऑप्शन है, लेकिन अगर आप कैलकुलेटेड यानी संतुलित रिस्क लेना चाहते हैं तो, इसके लिए आप निफ्टी में ट्रेड कर सकते हैं, निफ्टी में इतनी अधिक भाव में उतार-चढ़ाव (volatility) नहीं होती है,व आपको इसमें अच्छा मुनाफा भी हो सकता है, क्योंकि इसमें अच्छा वॉल्यूम होता है, 


क्योंकि बिना वॉल्यूम के मार्केट में मुनाफे के चांस कम होते हैं और अत्यधिक वॉल्यूम होने से खतरा अधिक होता है, तो इन दोनों का संतुलन करते हुए आप ऑप्शन ट्रेडिंग में निफ्टी को चुन सकते हैं ,निफ़्टी मैं ऑप्शन ट्रेडिंग करने से पहले बहुत समय तक इसको ट्रैक करते रहना है, इसकी चाल को आप अगर रोज देखेंगे और इसके भाव के उतार-चढ़ाव को ट्रैक करेंगे तो कुछ दिनों बाद आपको अपने आप समझ में आने लगेगा कि निफ्टी की चाल आने वाले समय में कैसे रहेगी ,लेकिन इसके लिए शर्त यह है कि, आप कि वाकई ऑप्शन ट्रेडिंग में रुचि होने चाहिए, क्योंकि सट्टेबाजी से आप कभी भी लंबे समय के लिए शेयर बाजार में ट्रेडिंग नहीं कर सकते हैं।



निफ़्टी और बैंक निफ़्टी में ऑप्शन ट्रेडिंग कैसे सीखे?

How to learn option trading in Hindi!


किसी काम को अच्छी प्रकार से सीखना उसमें बड़ी सफलता प्राप्त करने की गारंटी होता है, तो आपको शेयर बाजार के ऑप्शन ट्रेडिंग में शुरुआत करने से पहले इसके बारे में पूरी तरह सारी बातों को जान लेना चाहिए। आज के समय में बहुत सारे ऐसे ही यूट्यूब चैनल हैं, जो आपको ऑप्शन ट्रेडिंग के बारे में अच्छी-अच्छी तरकीब बताते हैं, जिसमें आप प्रैक्टिस करते हुए रोज पेपर ट्रेडिंग का अभ्यास करते हुए अपने इस कार्य में निपुण हो सकते हैं यानी कि आप इसमें ट्रेंड हो सकते हैं। क्योंकि बिना तलवारबाजी सीखें अगर आप युद्ध के मैदान में उतरेंगे तो पक्का ही आप मारे जाएंगे यानी कि अगर आप बिना जानकारी सिर्फ लालच के माध्यम से ट्रेडिंग करने उतरेंगे तो आप जल्द ही कंगाल हो जाएंगे रोज आपको कर्जा लेने होंगे और फाइनैंशल तौर पर आप पूरी तरह कैसे टूट जाएंगे।

तो इसके लिए आपको यूट्यूब पर किसी एक ऐसे व्यक्ति को चुनना है जिसकी राय आपको अच्छी लगती हो जिसकी बात आपको समझ आती हो और जिस के तरीके कारगर हो यानी जो वह बता रहा है वह योजना अगर आप सही पाते हैं तो आप उससे उसके वीडियो के माध्यम से आप बेसिक जानकारी को जुटा सकते हैं, लेकिन आपको अभ्यास करना होगा आपको बताई गई योजना को रोज पेपर ट्रेडिंग के माध्यम से आजमाना होगा और जिस योजना में भी आपको बहुत अच्छी सफलता लगाकर दिखाई दे उसे आजमाना चाहिए। मैं पर्सनल तौर पर जिस व्यक्ति को ऑप्शन ट्रेडिंग के लिए फॉलो करता हूं, वह नसीर खान जो कि आपको बहुत ही आसानी से ऐसी तकनीक बताएंगे, जिससे कि आप मुनाफा कमा सकते हैं, लेकिन यह कोई निश्चित नहीं है, कि आपको मुनाफा ही होगा, आपको उससे पहले अपनी सभी कंडीशन और स्थिति के बारे में सोच लेना चाहिए! यानी कि अगर आप को बहुत बड़ा नुकसान हो जाएगा तब आप क्या करेंगे यह बात आपको हमेशा ध्यान में और याद रखनी है।


ऑप्शन ट्रेडिंग ने हेजिंग क्या होता है। (Option trading hedging kya hota hai)hedge.


ऑप्शन ट्रेडिंग में बड़े खिलाड़ी यानी जो बड़े-बड़े फंड हाउस होते (HNI)हैं,वह बड़ा मुनाफा इसलिए कमा पाते हैं, क्योंकि वह हमेशा अपनी पोजीशन ( position hedge) को हेज करते हैं, अब आप पूछेंगे कि यह हेजिंग(hedging) क्या होता है। जब हम किसी कॉल या पुट दोनों में बराबर पोजीशन बनाते हैं, उदाहरण के तौर पर अगर 16300 CALL के स्ट्राइक प्राइस (strike price) का प्रीमियम (premium)122 रुपए है, और 16300 के PUT का प्रीमियम (premium)130 रुपये है , तो दोनों के लोट (lot size) खरीदारी करना पोजीशन बनाना हेजिंग(hedging) कहलाता है, जिसे बाद में जो भी पोजीशन प्रॉफिटेबल होती है, उसे बनाए रखना और जिसमें नुकसान हो रहा होता है,उससे एग्जिट हो ना होता, इसमें बाजार जिस तरफ भी जाएगा, उसमें रिस्क कम होगा और मुनाफा होने की ज्यादा आशंका रहेगी, हां इसमें प्रॉफिट कम होता है, लेकिन नुकसान भी कम होता है। क्योंकि हेज फंड को मुनाफा कमाने के साथ ही अपने कैपिटल को भी सुरक्षित रखना होता है, आपने देखा होगा कि बड़े-बड़े हेज फंड ऑप्शन बाइंग से ज्यादा ऑप्शन राइटिंग को महत्व देते हैं क्योंकि इसमें मुनाफा होने की संभावना अधिक होती है लेकिन अगर इसमें नुकसान की बात करें तो वह अश्मित होता है।


ऑप्शन राइटिंग और ऑप्शन बाइंग क्या होता है। Option trading mein option writing aur option buying kya hota hai.

जब हम ऑप्शन ट्रेडिंग(option trading) करते हुए ,किसी स्ट्राइक प्राइस (strike price)के कॉल या पुट (CALL & PUT)को खरीदते (BUY)हैं तो, उसे ऑप्शन बाइंग( option buying)कहा जाता है, इसमें आपको होने वाला नुकसान सीमित(LIMITED LOSS) होता है, और इसमें होने वाला मुनाफा असीमित(UNLIMITED PROFIT) होता है, इसमें आप कम पैसे के साथ trading कर सकते हैं,इसी से विपरीत यानी आप ऑप्शन को अगर सेल (OPTION SELLING)कर रहे हैं तो, इसे आप ऑप्शन राइटिंग कहेंगे ऑप्शन राइटिंग(OPTION WRITING) में आपका प्रॉफिट सीमित(LIMITED PROFIT) होता है और इसमें होने वाला नुकसान असीमित(UNLIMITED LOSS) होता है, और अधिकतर रिटेल ट्रेडर्स ऑप्शन बायर (option buyer) ही होते हैं,क्योंकि सब बड़े फंड हाउस इतना रिस्क नहीं उठा सकते। दूसरी बात ऑप्शन सेलिंग(option selling) करने के लिए बहुत ज्यादा मात्रा में कैपिटल(lots of capital) की आवश्यकता होती है, जो कि हर एक रिटेल ट्रेडर(retail trader) के बस की बात नहीं होती और नए नए लोगों के लिए तो यह बिल्कुल पहुंच से बाहर होता है।


FAQ

Q.किसमें हाई रिस्क ऑप्शन ट्रेडिंग- बैंक निफ्टी में ही क्यों होता है?

ANS. बैंक निफ्टी के ऑप्शन में भाव का उतार-चढ़ाव बहुत ज्यादा जल्दी होता है, जिसे हम वोलेटेलिटी (volatility) कहते हैं, यानी यह बहुत जल्दी यानी 1 दिन में ही पांच गुना हो सकता है,अधिक वोलेटेलिटी होने के कारण इसे हाई रिस्क(high risk) वाला माना जाता है, जिसमें मुनाफा भी अधिक होता है और नुकसान भी अधिक होता है।

Q.2ऑप्शन ट्रेडिंग में हेज फंड कैसे मुनाफा कमाते हैं कितना मुनाफा कमाते हैं?

ANS. हेज फंड ऑप्शन ट्रेडिंग में कॉल और पुट दोनों स्ट्राइक प्राइस में बराबर लोट खरीदते हैं, और दोनों में बराबर पोजीशन बनाने पर मार्केट जिस तरफ भी चलता है, उसमें प्रॉफिट वाली पोजीशन को कायम रखा जाता है, नुकसान वाले पोजीशन को एग्जिट(trading position exit) कर दिया जाता है। दोनों तरफ के स्ट्राइक प्राइस यानी कॉल पुट दोनों में पोजीशन बनाने को हेजिंग का जाता है।

Q. ऑप्शन ट्रेडिंग(option trading) में एक्सपायरी(expiry) क्या और कब होती है?

And. इसमें दो तरह की एक्सपायरी होती है, यानी पहली होती है, वीकली एक्सपायरी जो हर हफ्ते बृहस्पति वार को होती है, एवं दूसरी होती है, मंथली एक्सपायरी जो हर महीने के आखिरी बृहस्पति वार को होती है। साधारण भाषा में समझे तो जैसा कि नाम से ही ज्ञात है कि, एक्सपायरी(expiry) का मतलब कॉन्ट्रैक्ट (contract)के एक्सपायर होने से है, यानी जो भी सौदे किए गए होते हैं ऑप्शन ट्रेडिंग में उन को समाप्त करने का दिन होता है एक्सपायरी।

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