हमेशा शादी के लिए लड़की की उम्र कम क्यों होनी चाहिए- इस बारे में! जानेंगे -जब भी कभी किसी भी शादी में हम जाते हैं।तो 99% मामलों मैं दुल्हन की उम्र दुल्हे से कम ही होती है. और शादी जब अरेंज मैरिज होती है.तो 100 फ़ीसदी लड़की की उम्र कम होती है।तो जानते हैं इस विषय में कि क्यों दूल्हे से उम्र में दुल्हन की आयु कम होनी चाहिए।
1.लड़कियों/महिलाओं में कुछ ऐसे हार्मोन परिवर्तन होते हैं .जिससे कि वह उम्र में ज्यादा दिखने लगती है। और खासकर स्किन के विषय में यह चेंज अधिक देखे जाते हैं और इसलिए पति पत्नी में पत्नी उम्र में बड़ी ना लगे ।यह भी एक कारण होता है।

2.पति कुछ अधिक समझदार हो-अरेंज मैरिज में लड़की के माता-पिता यही प्रयास करते हैं. कि उनकी बेटी का होने वाला जीवनसाथी उसकी बेटी से कुछ अधिक समझदार हो. क्योंकि ऐसे मानना है.कि लड़कियां भावनात्मक रूप से लड़कों से कमजोर होती है. ऐसे समय में वह अपने को असुरक्षित असहज महसूस ना करें ।और बेटी का पति उसे छोटी बड़ी हर समस्या में सहायता दे सकें .

3.लड़कियां जल्दी मेच्यौर होती है. कुछ लोगों का ऐसा भी मानना है. कि पुरुष के मुकाबले स्त्रियां कम उम्र में या जल्दी में मेच्यौर/ समझदार होने लग जाती है। तो अगर पति पत्नी एक ही उम्र के होंगे या पत्नी की उम्र अधिक होती है. तो उन में वैचारिक असमानता उत्पन्न हो सकती है .ऐसी स्थिति में झगड़े ना हो और जीवन शांति, सुख, समझदारी से गुजरे इसलिए भी इस सोच को भी तवज्जो देते हैं.

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और मुख्यतः कम उम्र का पैमाना इस पर तय करता है. की शादी होने वाले जोड़े में पुरुष की आयु कितनी है. अगर पुरुष की आयु स्त्री से अधिक होती है। तो वह भी एक अच्छी जोड़ी होती है. यानी उम्र कितनी भी हो सकती है .परंतु पुरुष से कम ही होनी चाहिए।

इसके अलावा कुछ पारंपरिक और पुरानी धारणाएं भी होती हैं .जैसे कि जवानी के पहले चरण में लड़के लड़की की शादी हो. कम उम्र की लड़की होने पर दांपत्य जीवन में समस्याएं बहुत कम देखने को मिलती ह. व संतान संबंधी परेशानी भी कम देखने को मिलती हैं। यहां कम उम्र का तात्पर्य नाबालिक होना नहीं है. कम उम्र से तात्पर्य  20 वर्ष से अधिक और 25 वर्ष से कम हैं।



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